Top 15+ Ganpati shlok in sanskrit | Ganesh sloka in hindi

हिंदू धर्म में हम जब भी कोई नए काम की शुरुआत करने जाते हैं तो सबसे पहले गणेश भगवान जी के नाम और उनके पूजा मंत्र के साथ काम की शुरुवात करते हैं। आज मैं आपको ganpati shlok in sanskrit के बारे में बात करने जा रहा हु।

हिंदू धर्म में ऐसा माना जाता है कि अगर आप कोई काम श्री गणेश भगवान जी के नाम लेकर उस काम का शुरुआत करते हैं तो आपका वह काम सुख शांति के साथ संपन्न हो जाता है और आगे आपको उस काम में काफ़ी लाभ होता हैं। इसलिए अपने देखा होगा हर हिंदू धर्म के लोग श्री गणेश जी के पूजा पाठ से साथ नए काम की शुरुवात करते हैं।

ganesha slokas in sans krit with meaning इस आर्टिकल में हम आपको गणेश भगवान के संस्कृत के श्लोक के बारे में बताने वाला हूं गणेश भगवान का मंत्र क्या होता है आप उसे भी जान पाएंगे इसके साथ साथ गणेश जी की आरती के बारे में भी आप पढ़ पाएंगे।

ganpati shlok in sanskrit
ganpati shlok in sanskrit

Ganpati shlok in sanskrit | गणेश चतुर्थी के श्लोक और मंत्र 


                                            " वक्रतुयण्ड महाकाय , सूर्यकोटी समप्रभ
                                              निर्विघ्नम कुरु मे देव , सर्वकार्येषु सर्वदा "

हिंदी अनुवाद

घुमावदार पर सूंड वाले विशाल शरीर काय , करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली , हमसब के प्रभु  हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करने की कृपा करें।

                                          गजानानं भूतगणादि सेवित कपित्य जम्मूफलचार भक्षणम
                                             उमासुतं शोक विनाशकारकम  नामामि विध्नेश्वर पादपंकजम

हिंदी अनुवाद

हे प्रभु हाथी के मुख समान वाले हैं भूतगणादिसे सदा सेवित रहते हैं कैथ तथा जामुन फल जो आपके लिए प्रिय भोज्य होते हैं , जो पार्वती के पुत्र हैं तथा जो प्राणियों के शोक का विनाश करने वाले हैं , उन विघ्नेश्वर के चरणकमलों को मैं नमस्कार करता हुँ।

                                                           " लम्बोदराय वै तुथ्य सर्वोदरगताय च ।
                                                             अमायिने मायाया आधाराय नमो नमः "

हिंदी अनुवाद

हे मेरे भगवान आप एक लंबोदर हैं जठरानल रूप मे आप सबके उदर मे आप निवास करते रहते हैं , और आप पर किसी की माया नही चलती , बल्कि आप ही माया के आधार हैं आपको बार-बार नमस्कार करता हु ।

                                                        " विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय
                                                          लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं। "

हिंदी अनुवाद

विघ्नेश्वर वर देनेवाले देवताओं को प्रिय लम्बोदर  कलाओंसे परिपूर्ण जगत् का हित करनेवाले मेरे प्रभु गज के समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वतीपुत्र को मेरा कोटि कोटि नमस्कार है ।

                                                          " नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय
                                                           गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते "

हिंदी अनुवाद

विघ्नेश्वर वर देनेवाले देवी देवताओं को प्रिय लम्बोदर , कलाओंसे परिपूर्ण जगत् का हित करने वाले गजके समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वतीपुत्र को कोटि कोटि नमस्कार है।

                                                     " एकदंताय विद्‍महे। वक्रतुण्डाय धीमहि।
                                                                  तन्नो दंती प्रचोदयात "

हिंदी अनुवाद

अर्थ – एक दंत को हम सभी जानते हैं। वक्रतुण्ड का हम सब ध्यान करते हैं। और वह दन्ती गजानन से हमें प्रेरणा प्रदान करें।

                                                        " अमेयाय च हेरम्ब , परशुधारकाय ते ।
                                                        मूषक वाहनायैव , विश्वेशाय नमो नमः "

हिंदी अनुवाद

हे प्रभू आपको किसी प्रमाणों द्वारा मापा नहीं जा सकता आप परशु धारण करने वाले हैं और आपका वाहन मूषक है । आप विश्वेश्वर को बार बार मैं नमस्कार करता हू ।

                                                          " सृजन्तं पालयन्तं च , संहरन्तं निजेच्छया ।
                                                               सर्वविध्नहरं देवं , मयूरेशं नमाम्यहम् "

हिंदी अनुवाद

हे भगवन जो स्वेच्छा से संसार की सृष्टि पालन और संहार करते हैं । उन सर्वविघ्नहारी देवता मयूरेश गणेश को मैं प्रणाम करता हूँ ।

                                                        " मात्रे पित्रे च सर्वेषां , हेरम्बाय नमो नमः 
                                                         अनादये च विघ्नेश , विघ्नकर्त्रे नमो नमः "

हिंदी अनुवाद

सबके माता पिता को मेरा बारम्बार नमस्कार है । हे विघ्नेश्वर ! आप अनादि और विघ्नों के भी जनक हैं , आपको बार-बार नमस्कार है ।

                                                 " गणनाथ गणेश विघ्नराट् , शिवसूनो जगदेकसद्गुरो  
                                                    सुरमानुषगीतमद्यशः , प्रणतं मामव संसृतेर्भयात् "                                                

हिंदी अनुवाद

हे गणनाथ , हे गणेश , हे विघ्नराज , हे शिवपुत्र , हे जगत् के एकमात्र सद्गुरु और देवताओं तथा मनुष्यों के द्धारा किये गये उत्तम यशोगान वाले आप सांसारिक भय से मुझ शरणागत की रक्षा कीजिये ।

                                                          " एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं।
                                                            विध्ननाशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम् "

हिंदी अनुवाद

जो एक दाँत से आप सभी को सुशोभित करते हैं विशाल शरीरवाले हैं मेरे भगवान गजानन हैं  जो विघ्नोंके विनाशकर्ता हैं , उन दिव्य भगवान् हेरम्बको नमस्कार करता हूँ ।

                                                        " रक्ष रक्ष गणाध्यक्ष रक्ष त्रैलोक्यरक्षकं। 
                                                        भक्तानामभयं कर्ता त्राता भव भवार्णवात् "

हिंदी अनुवाद

हे गणेश गणाध्यक्ष रक्षा कीजिए रक्षा कीजिये । हे तीनों लोकों के रक्षक रक्षा कीजिए , आप सभी भक्तों को अभय प्रदान करने वाले मेरे प्रभु , भवसागर से मेरी रक्षा कीजिये मैं आपको प्रणाम करता हूं।

                                                " केयूरिणं हारकिरीटजुष्टं , चतुभुऽजं पाशवराभयानिुं ,
                                                 सृणिं वहन्तं गणपं त्रीनेत्रं , सचामरस्त्रीयुगलेम युक्तम "

हिंदी अनुवाद

मैं भगवान गणेश से वंदना करता हूं जो केयर ,हर ,करीट आभूषण से ससज्जित है। चतुभुऽजं और अपने चारों भुजाओ में पाशा अंकुश वर धारण करते हैं। को तीन नेत्रों वाले आपको दो स्त्रिया चावर डुलाती रहती हैं आपको मेरा कोटि कोटि प्रणाम।

                                               " आदिपूज्यं गणध्यक्षम , उमापुत्रम विनायकम
                                                  मंगलम परमं रूपम , श्रीगणेशम नमाम्यहम "

हिंदी अनुवाद

हे मेरे भगवान आपको पूजती है आप उमा के पुत्र के सामान हो आपके नाम से मनुस्य के सारे काम बन जाते है प्रभु आपको मेरा कोटि कोटि प्रणाम।

गणेश श्लोक मंत्र आरती


                                                         ओम गण गणपतये नमो नमः
                                                           श्री सिद्धिविनायक नमो नमः
                                                              अष्टविनायक नमो नमः
                                                                गणपति बप्पा मोरया
                                                                    मंगलमूर्ति मोरया ....

गणेश भगवान पवित्रिकरण मंत्र


सबसे पहले जब भी हम हम गणेश जी का पूजा करते हैं तो हमे अपने आप को पवित्रिकरण करना होता हैं और पवित्रिकरण करने के लिए हम एक मंत्र पढ़ना होता है वह मंत्र कुछ इस प्रकार है।

                                                      " ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्था गतोऽपिवा
                                                       यः स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचि: "

ॐ केशवाय नमः
ॐ माधवाय नमः
ॐ नारायणाय नमः

इस मंत्र को पढ़ने के लिए आपको हाथ में जल लेकर इस मंत्र को पढ़ना होता हैं और मंत्र पूरा होने के बाद जल को अपने उपर छीड़काना होता है इससे आपके शरीर का शुद्धिकरण हो जाता है।

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गणेश भगवान जी का आरती


जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

एक दंत दयावंत चार भुजा धारी ।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी ।।

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा ।
लड्डूअन का भोग लगे संत करें सेवा ।।

अंधे को आंख देत कोढिन नको काया
बाझान को पुत्र देत निर्धन को माया ।।

श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

अंतिम शब्द


आजके आर्टिकल में हमने सीखा ganpati shlok in sanskrit गणेश श्लोक मंत्र और गणेश आरती के बारे में अगर आपको यह आर्टिकलअच्छा लगा तो इसे शेयर जरूर करे धन्यवाद्। ….

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People Also ask FAQ

ॐ वक्रतुंडाय नमः किसका मंत्र है?

ॐ वक्रतुंडाय नमः यह गणेश भगवान का मंत्र हैं।

गणेश जी का मूल मंत्र क्या है?

गणेश जी का मूल मंत्र ” ओम गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपति बप्पा मोरया मंगलमूर्ति मोरया “….

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